गठिया का घरेलू इलाज( Rheumatoid Arthritis)

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इस रोग में शुरू में हाथों की उंगलियों की जोड़ दुखते हैं |रोग के बढ़ने पर शरीर के बड़े जोड़ भी दुखने लगते हैं| रोग ग्रस्त अंग का आकार बदल जाता है| वह अंग बेढंगा हो जाता है |हम उस अंग से काम करने में असमर्थ हो जाते है| इस में सूजन होती है बर्फ से सेंक, आराम और कसरत इसमें लाभदायक है| यह भावनात्मक आघात ,तेज दवाइयों के दुष्प्रभाव संक्रमण एंटीबायोटिज के कारण होता है |संधि शोथ और गठीया बड़े अंगों में होता है| वातरक्त छोटे जोड़ जैसे- उंगली के जोड़ों में होता है| इस में सूजन होती है| भोजन की गड़बड़ी से यह बीमारी होती है| यह अधिकतर उन लोगों में होती है| जो भोजन में प्रोटीन विशेषकर मांस की मात्रा अधिक लेते हैं| प्रोटीन के पाचन के पश्चात यूरिक एसिड पैदा होता है| जो मूत्र के साथ बाहर निकल जाता है| परंतु गठिया के रोगियों में शरीर में ही जमा होने लगता है| गठिया का प्रभाव तेज नहीं हो इसके लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होनी चाहिए| जितने रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होगी| उतना ही रोग कम होगा आगे नहीं बढ़ेगा नाम मात्र का रहेगा और बिना उपचार के केवल भोजन द्वारा चिकित्सा तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली चीजों के सेवन से ठीक हो जाता है| इसमें रक्तशोधक भोजन भी लाभदायक है| गठिया का प्रभाव रात को व प्रात: काल के 3 घंटे में अधिक होता है:| यह रोग बार-बार होता रहता है| ठीक हो जाता है |फिर हो जाता है| ध्यान नहीं देने और इलाज नहीं कराने पर बढ़ जाता है| इसलिए जितना जल्दी हो सके चिकित्सा आरंभ कर देनी चाहिए| रुकने पर काम करना कठिन हो जाता है |जोड़ों के अतरिक्त गठिया ,का हृदय, फेफड़ों पर प्रभाव पड़ता है |वहां दर्द होता रहता है| उसी के साथ सहायक उपचार साथ में करने से जल्दी लाभ होता है| तंत्रिका तंत्र नर्वस सिस्टम पर गठिया का प्रभाव होने से अंगुलियां सुन्न हो जाती हैं |गठिया के प्रभाव से रोगी जैसे- फ्लू के बाद की स्थिति थकावट, कमजोरी, भूख की कमी, जी मिचलाना, वजन घटना ,बीमारी का अनुभव करता है| इसमें प्रधान रूप से अंगों में कड़ापन, गतिशीलता की कमी होती है |एलोपैथिक की दर्द नाशक दवाइयों से जितना लाभ होता है| उसने ही दिन के दुष्प्रभाव दुखी करते हैं| संभोग के प्रति रुचि कम हो जाती है| मन में निराशा आ जाती है
|शरीर से कार्य नहीं होने से परिवार रोजगार के कार्य व्यवहार में परिवर्तन आ जाता है रोग की चिकित्सा में लंबा समय लगता है| गठिया रोग से छुटकारा संभव है| रोग ठीक हो सकता है |

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