उषा: पान का तरीका ,फायदे एवं सावधानियाँ

0
118

उषा: पान विधि-
रात्रि को ताम्र या मिट्टी के पात्र में जल भरकर ढककर रख देते हैं इस जल में 5 से 7 तुलसी के पत्ते डाल देते हैं| तो की बहुत ही उपयोगी पानी बन जाता है| जल का बासी मुंह सेवन करना चाहिए| इसको ही उषा पान कहते हैं| 

इसमें कुछ सावधानियां 

1-सावधानी उषा पान के समय मुंह बासी होना चाहिए यानी कि बगैर कुछ खाए पिए फर्स्ट में हम इसी पानी का हमें सेवन करना चाहिए |
2-पानी धीमी गति से पीना चाहिए| पानी घुट घुट करके पीना चाहिए|

3-एक साथ ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए

उषा:पान की उपयोगिता-

उषा: पान के बाद टहलना स्वास्थ्य, आयु एवं शारीरिक व मानसिक शक्ति वर्धक है| इससे कब्ज दूर हो जाती है |आंतों की सफाई होती है |रक्त की शुद्धि होती है| उस मानसिक रोग दूर भागने लगते हैं| गुर्दा रोग ,हृदय रोग, नेत्र रोग, सिर दर्द ,त्वचा रोग मोटापा ,हार्ट रोग एवं कफ, वात, पित्त का शमन होता है| तो ये थी कुछ बीमारियां जो इससे ठीक हो जाती हैं |दोस्तों आपको मेरी पोस्ट कैसी लगी |आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं |

आर्टिकल पढ़ने के लिए धन्यवाद

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here