एग्जिमा का कारण लक्षण और बचाव हिंदी प्राकृतिक इलाज

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एग्जिमा का परिचय

लो फ्रेंड्स मैं आपको लेकर आया हूं एग्जिमा क्या होता है उससे कैसे बचा जा सकता है तो उसका मैं आपको एक परिचय देना चाहता हूं एग्जिमा दो प्रकार का होता है एक बहता हुआ एक्जिमा और दूसरा सूखा हुआ एग्जिमा अधिकतर सिर में कानों के पास, गर्दन पर एवं उंगलियों में होता है |तो चमढ़ी रूखी होकर ललाई छाई रहती है| तब थोड़ी सी सूजन , जलन और खुजली चलती है| जिसे खुजलाने जब कभी वहां से द्रव जिसने लगता है| तो बहता हुआ एक्जिमा बन जाता है| यह थे एग्जिमा के प्रकार के किस प्रकार से किस प्रकार का होता है|

कारण एवं लक्षण-

आपको बताते हैं|जिनका रक्त विषाक्त हो जाता है |उन्हीं को एक्जिमा रोग होता है| इसके अतिरिक्त अधिक साबुन लगाने, कच्चे रंग का वस्त्र पहने, गंदे मौजा आदि प्रयोग करने तथा रंग ,पॉलिश, सोडा एवं आदि वस्तुओं के निरंतर संपर्क में रहने से एक्जिमा होने लगता है गठिया आदि लोगों के साथ भी प्राय यह रोग होता है जिन बच्चों को अशुद्ध दूध मिलता है वह भी एक्जिमा से पीड़ित रहते हैं|

प्राकृतिक चिकित्सा-

एक्जिमा के लिए हर इंसान को चाहिए वह लंबा उपवास करें या फिर हर 4 से 5 दिन में 1 दिन का उपवास तो वह जरूर करें केवल जल पीकर करें |और एक्जिमा के लिए एनिमा बहुत ही अच्छा होता है |
एनिमा लेने से पेट साफ हो जाता है| जिसकी वजह से शरीर की गंदगी मल के साथ साफ हो जाती है| प्रतिदिन इसमें बहुत ही अच्छा है व्यायाम ,योगासन, प्राणायाम यह इसके लिए बहुत ही अच्छे हैं| फिर दो-तीन दिन तक फलों के रस पर रहने पर 2 सप्ताह तक फल औरतरकारियों पर रहना चाहिए| नमक से परहेज इसमें बहुत जरूरी है| कपड़े कम से कम पहनने तथा पानी अधिक पीना चाहिए|
इसके बाद दूध फल और मेवों पर कुछ दिन तक रह कर धीरे धीरे सादे भोजन पर आना चाहिए |प्रतिदिन रात को पेडू पर मिट्टी की पट्टी लगानी चाहिए| जब तक एक्जिमा से छुटकारा न मिल जाए|एग्ज़ेमा पर भीगे कपड़े की गद्दी रखकर सप्ताह में एक बार भाग से स्नान करना चाहिए |
वह इसमें बहुत हितकर होता है| दो बार पूरे शरीर की चादर की लपेट सप्ताह में करनी चाहिए |सप्ताह में दो बार एप्सम साल्ट बात भी लेना बहुत लाभदायक होता है |नीम को मिट्टी मिट्टी में मिला कर सारे बदन पर लेप कर धूप में सुखाकर स्नान करने से बहुत लाभ मिलता है|
इसके बाद हरी बोतल के सूर्य तप्त नारियल तेल से सारे बदन की धूप में मालिश करने, आसमानी बोतल का सूर्य तप्त जल 50 ग्राम की 6 खुराक दिन में पीने से तथा एक्जिमा के स्थान पर प्रकाश डालने से बहुत जल्दी ठीक हो जाती है इसके नेचुरोपैथी इलाज करने से आपकी समस्या बिल्कुल ठीक हो सकती है तो दोस्तों आपको यह पोस्ट कैसी लगीआप कमेंट करके बताएं और हमारे पोस्ट को लाइक जरूर करें |
धन्यवाद

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